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लॉरेन पावेल संगम की रेती पर महाकुंभ में करेंगी कल्पवास

लॉरेन पावेल संगम की रेती पर महाकुंभ में करेंगी कल्पवास

प्रयागराज, 9 जनवरी 2025। पौष पूर्णिमा 13 जनवरी 2025 से संगम की रेती पर प्रयागराज में दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक मेला महाकुंभ लगने जा रहा है। इस मौके पर देश ही नहीं विदेशों से भी लोग पुण्य लाभ पाने के लिए आ रहे हैं। महाकुंभ में इस बार एप्पल के सह संस्थापक स्टीव जाब्स की पत्नी लॉरेन पावेल भी कल्पवास करने आएंगी।

लॉरेन पावेल 13 जनवरी को संगम की रेती पर प्रयागराज में पहुंच जाएंगी। यहां निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद के शिविर में उनके ठहरने की व्यवस्था की गयी है। 19 जनवरी से इस शिविर में कथा का आयोजन होगा। इस कथा में लॉरेन पावेल यजमान होंगी।

144 वर्ष में लगता है महाकुंभ

कथा है कि समुद्र मंथन के दौरान निकले अमृत कलश को लेकर देवता और दैत्यों में विवाद के दौरान प्रयागराज, हरिद्वार, नासिक और उज्जैन इन चार स्थानों पर अमृत की बूंदे छलककर गिरी थीं। इस वजह से इन चारों स्थानों पर कुंभ मेले का आयोजन होता चला आ रहा है।

प्रत्येक 12 वर्ष की अवधि बीत जाने पर इस मेले का नाम कुंभ और 12 बार कुंभ की अवधि पूरी हो जाने पर महाकुंभ लगता है। इस तरह से 2025 में प्रयागराज में संगम की रेती पर होने वाला महाकुंभ का आयोजन 12 कुंभी की अवधि पूरी होने के बाद 144 वर्ष बाद हो रहा है।

कल्पवास में की जाती है विशेष साधना

कल्पवास 30 दिनों की विशेष साधना होती है। इस दौरान कल्पवास करने वाले को कई नियमों का पालन करना होता है। इन प्रमुख नियम निम्न हैं-

  • सत्य वचन
  • अहिंसा
  • इंद्रियों पर नियंत्रण
  • प्राणियों पर दयाभाव
  • व्यसनों का त्याग
  • ब्रहम मुहुर्त में जागना
  • नित्य तीन बार पवित्र नदी में स्नान
  • संतो की सेवा
  • जप कीर्तन
  • एक समय भोजन